यदि आपकी सैलरी आपको आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने का अहसास दिलाती है. जब आपकी आय  ही एकमात्र स्रोत हो, तो आपको आर्थिक मजबूती के लिए योजना बनाने की जरूरत है.

बचत और निवेश की शुरूआत कभी भी की जा सकती है. जितना पहले आप शुरू करेंगे उतना ही अधिक आप अपने पैसे पर ब्याज का फायदा उठा सकते हैं. जानें वो फाइनेंशियल स्टेप्स जो आपको जल्दी लेने की जरूरत है:

बजट बनाएं और बचत करें

बजट बनाने से पहले हमेशा यह सोचें कि आपके पास कितना पैसा है, आपके खर्च क्या हैं और बचत के लिए आपका दायरा क्या है. एक निश्चित अनुपात में खर्च और बचत के अनुसार अपनी मासिक आय को बांटने की कोशिश करें’ और खर्चों के बाद जो कुछ बचे उसे महीने की शुरुआत में ही बचत वाले हिस्से में डाल दें. इस तरीके से आपको बचत करने की आदत बनाने में मदद मिलेगी.

सही जगह निवेश करें

सिर्फ अंधाधुंध पैसे बचाने से प्रभावी रिटर्न नहीं मिलता है. इसलिए, यह जरुरी है कि आप लक्ष्य निर्धारित करें और इन लक्ष्यों में से हरेक तक पहुंचने के लिए वक्त का निश्चित करें. निवेश के वक्त को देखते हुए, जोखिम और लिक्विडिटी की जरुरत निर्धारित होती है.

SIP करें

अपने दिमाग में रिटायरमेंट या रिटायरमेंट के बाद की पैसों की जरुरत का ख्याल जरुर रखें. आप जितना जल्दी निवेश करना शुरू करेंगे उतनी ही जल्दी आपका निवेश बड़ा होगा. आप अपने मासिक आय का बहुत छोटा सा हिस्सा SIP म्यूच्यूअल फंड में निवेश कर सकते हैं. यह रकम 500 रुपये का भी हो सकता है. और जब आपका वेतन बढ़े या आप निवेश के रकम को बढ़ाना चाहते हैं तो आप हमेशा समय के साथ योगदान की मात्रा बढ़ा सकते हैं. बेहतर रिटर्न पाने के लिए जल्दी निवेश शुरू करना जरुरी है.

Emergency के लिए तैयार रहें

हो सकता है कि आप खूब बचत करते हों. लेकिन किसी भी इमरजेंसी में आपकी सारी जमा-पूंजी समाप्त हो सकती है, यह इमरजेंसी स्वास्थ्य, एक्सिडेंट, नौकरी खोने पर हो सकती है. ऐसे में यदि आपके पास बचत न हो तो आपको बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. इमरजेंसी के हालात में आपके पास आय का अतिरिक्त साधन ईएमआई भरने, दैनिक खर्चों आदि के लिए होनी चाहिए. आपके पास 3 महीने से लेकर 6 महीने या उससे अधिक के लिए इमरजेंसी फंड होना चाहिए. इमरजेंसी फंड के लिए आपको हर महीने आय का कुछ फीसदी हिस्सा अलग निवेश करना चाहिए जहां एग्जिट लोड का कोई दबाव न हो.