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सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट बुलेट ट्रेन पर तेजी से तैयारियां चल रही हैं. 15 अगस्त 2022 तक इस प्रोजेक्ट को पूरे होने की उम्मीद है. 508 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. बुलेट ट्रेन की शुरुआत होने के बाद मुंबई से अहमदाबाद या अहमदाबाद से मुंबई का सफर महज दो घंटे में तय होगा. जब बुलेट ट्रेन के प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी तो लोगों के बीच इसके किराये को लेकर काफी चर्चा हुई थी. लोगों का मानना था कि इसका किराया आम आदमी की पहुंच से बाहर होगा. लेकिन आपको बता दें कि इसका शुरुआती किराया 250 रुपये होगा.

320 किमी/ घंटा की टौप स्पीड

मुंबई से अहमदाबाद के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन में सफर करने के लिए यात्रियों को 250 से 3,000 रुपये तक का किराया देना होगा. यह किराया गंतव्य के हिसाब से अलग-अलग होगा. बुलेट ट्रेन की ‘टौप स्पीड’ 320 किमी/ घंटा होगी. इसका परिचालन 2022 तक शुरू होने की उम्मीद है. सरकार की इस परियोजना के संभावित किराये का पहला आधिकारिक संकेत देते हुए नेशनल हाई स्पीड रेल कौरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के प्रबंध निदेशक अचल खरे ने बताया कि किराये की यह दर मौजूदा अनुमानों और हिसाब पर आधारित है.

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अधिकतम किराया 3000 रुपये

उन्होंने बताया कि मुंबई और अहमदाबाद के बीच का किराया 3,000 रुपये होगा. वहीं बांद्रा-कुर्ला कौम्पलेक्स और ठाणे के बीच किराया 250 रुपये होगा. खरे ने बताया कि एक ‘बिजनेस क्लास’ होगा और इसका किराया 3,000 रुपये अधिक रहने की संभावना है. एक अधिकारी ने बताया कि ठाणे और बांदा – कुर्ला कौम्पलेक्स के बीच हाई स्पीड ट्रेन से यात्रा में 15 मिनट का समय लगेगा और इसका किराया 250 रुपये होगा. जबकि, ट्रैक्सी से करीब डेढ़ घंटे का समय लगता है और 650 रुपये खर्च होते हैं.

एक ट्रेन में 10 डिब्बे होंगे

उन्होंने बताया कि किराया एसी फर्स्ट क्लास के किराये से डेढ़ गुना ज्यादा होगा. एक ट्रेन में 10 डिब्बे होंगे, जिसमें से एक ‘बिजनेस क्लास’ होगा. खरे ने बताया कि परियोजना के तहत निर्माण कार्य इस साल दिसंबर में शुरू हो सकता है क्योंकि उस वक्त तक भूमि अधिग्रहण हो जाने की उम्मीद है. मंत्रालय को परियोजना के लिए 1,415 हेक्टेयर भूमि की जरूरत होगी और इसने अधिग्रहण के लिए 10,000 करोड़ रुपये मंजूर किया है. महाराष्ट्र सरकार भूमि अधिग्रहण के लिए अधिसूचना जारी कर चुकी है.

4 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा

अधिकारी ने यह भी बताया कि क्रियान्वयन प्राधिकरण में 3,000 – 4,000 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा. वहीं परियोजना के निर्माण चरण के दौरान 30 से 40 कामगारों को काम पर रखा जाएगा. परियोजना में जापान की अधिक भागीदारी होने की खबरों को खारिज करते हुए खरे ने कहा कि उसकी सिर्फ 18.6 प्रतिशत भागीदारी होगी और उनका योगदान कुछ ही खंडों तक सीमित होगा. जैसे कि अहमदाबाद और वडोदरा के बीच कौरीडोर बनाना और समुद्र के नीचे सुरंग बनाना.

जापान समुद्र के नीचे ट्रैक बनाएगा

उन्होंने बताया कि भारतीय ठेकेदार 460 किमी का काम करेंगे जबकि जापान समुद्र के नीचे सिर्फ 21 किमी का निर्माण कार्य करेगा. खरे ने कहा कि सुरक्षा और समय पालन हाई स्पीड कौरीडोर की विशेषता होगी. उन्होंने बताया कि भारत से 360 लोगों को प्रशिक्षण के लिए जापान भेजा जाएगा. इनमें से 80 लोगों को वहां पर जौब ट्रेनिंग दी जाएगी. उन्होंने बताया कि करीब 80 जापानी नागरिक भारतीय अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं. यह ट्रेन 40 सेकेंड से ज्यादा लेट नहीं होगी. बुलेट ट्रेन रोजाना मुंबई – अहमदाबाद के बीच 70 फेरे लगाएगी.

VIDEO : टेलर स्विफ्ट मेकअप लुक

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