सरिता विशेष

नया साल आने में कुछ ही दिन शेष रह गये हैं, ऐसे में 70 साल से अधिक के बुजुर्गों और दिव्यांगों कको नये साल का तोहफा मिलने वाला है, यह तोहफा इन्हें बैंको की तरफ से दिया जा रहा है. आप सोच रहें होंगे किस तरह का तोहफा, तो जरा ठहरिये ठहरिये हम बताते हैं आपको.

दरअसल 70 साल से अधिक के बुजुर्गों और दिव्यांगों को 2018 के शुरुआत में उनके घर पर ही बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. आपको बता दे कि इसकी सूचना भारतीय रिजर्व बैंक ने दी है. उन्होंने गुरुवार को बैंकों को आदेश दिया कि 70 साल से अधिक के बुजुर्गों और शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को उनके घर जाकर सामान्य बैंकिंग सुविधाएं दी जाएं. आरबीआई का यह आदेश बैंकों के अलावा छोटे वित्तीय और पेमेंट बैंक्स के लिए भी है, जिसे 31 दिसंबर 2017तक लागू करने को कहा गया है इसी के साथ ही उन्हें अपने बैंक ब्रांचों और वेबसाइट्स पर इसकी जानकारी देने को भा कहा है.

नोटिफिकेशन जारी करते हुए आरबीआई ने कहा, ‘ऐसा देखा गया है कि कई बार बैंक ब्रांचों में वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को हतोत्साहित किया जाता है या उन्हें लौटा दिया जाता है. इन कठिनाइयों ध्यान में रखते हुए बैंकों को आदेश दिया जाता है कि ऐसे लोगों को कैश लेनदेन, चेकबुक और डिमांड ड्राफ्ट जैसी सुविधाएं घर पर मुहैया कराई जाएं. वे उन्हें मूलभूत बैंकिंग सुविधाएं देने के लिए संयुक्त रूप से काम करें.

नोटिफिकेशन में आगे यह भी कहा गया है कि डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट ‘जीवन प्रमाण’ योजना के अलावा पेंशनर्स लाइफ सर्टिफिकेट को पेंशन भुगतान करने वाले बैंक की किसी भी ब्रांच में जमा कर सकते हैं. आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि सभी सेविंग अकाउंट होल्डर्स को हर साल कम से कम 25 चेक वाले चेकबुक मुफ्त में उपलब्ध कराएं.

बता दें कि ‘विशेष’ ग्राहकों को घर पर जो सुविधाएं दी जाएंगी उनमें कैश जमा करना, नकदी निकासी, डिमांड ड्राफ्ट डिलिवरी, केवाईसी डाक्युमेंट्स और लाइफ सर्टिफिकेट प्राप्त करना शामिल है.