रिजर्व बैंक ने आशंका जताई है कि इस साल महंगाई में और इजाफा हो सकता है. आरबीआई ने बुधवार को जारी 2017-18 की सालाना रिपोर्ट में कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और तेल बाजार में मांग व आपूर्ति में हो रहे बदलाव का प्रभाव देश के व्यापार घाटे पर होने वाला है.

आरबीआई ने सरकार को महंगाई के मोर्चे पर चेताते हुए कहा कि आने वाले दिनों में महंगाई ऊपर जाने की आशंका है और इसके लिए तैयारी और सावधानी दोनों की जरूरत है. उसने महंगाई पर काबू पाने के लिए तत्काल कदम उठाने की सलाह देते हुए कहा कि वर्तमान में देश का व्यापार घाटा पांच साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचकर 18 अरब डॉलर हो गया है.

इसी तरह बीते जुलाई में थोक महंगाई सूचकांक की दर बढ़कर 5.09% पहुंच गई थी, जबकि सब्जियों-फलों की कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई थी. साल 2017 की जुलाई में यह दर महज 1.88% पर थी. खुदरा महंगाई की दर भी 2017 के मध्य से लगातार बढ़ रही है और वर्तमान में यह 5% के आसपास बनी हुई है.

नोटबंदी लक्ष्य पाने में सफल रही : केंद्र

आरबीआई की रिपोर्ट के बाद सरकार ने बुधवार को कहा कि नवंबर 2016 में की गई नोटबंदी का लक्ष्य काफी हद तक हासिल हुआ है. इससे कालेधन पर अंकुश लगाने में मदद मिली है.

आर्थिक मामलों के सचिव एससी गर्ग ने कहा कि नोटबंदी से कालेधन पर अंकुश, आतंकवादियों को वित्त पोषण, डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना और नकली नोट को समाप्त करने जैसे मकसद काफी हद तक पूरे हुए हैं. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि देश में अब कहीं भी नकदी की समस्या नहीं रह गई है.

हालांकि आरबीआई के आंकड़े को लेकर विपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया. आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नोटबंदी से लोग बहुत ज्यादा प्रभावित हुए, लेकिन इससे क्या हासिल हुआ? पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि मेरा पहला सवाल यह है कि कालाधन कहां गया. दूसरा यह कि क्या योजना इसलिए लाई गई थी कि कुछ लोग कालेधन को सफेद कर सकें.