अब बौलीवुड और बौलीवुड के बाहर हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है कि क्या एक दिसंबर को संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘‘पद्मावती’’ सिनेमाघरों में पहुंच पाएगी?

एक तरफ इस फिल्म को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है, तो दूसरी तरफ संजय लीला भंसाली की पूरी टीम ने इस फिल्म को एक दिसंबर को सिनेमाघरों में पहुंचाने के लिए कमर कस ली है.

फिल्म के प्रमोशनल इंटरव्यू भी शुरू हो गए हैं. 15 नवंबर, बुधवार के दिन दीपिका पादुकोण ने कुछ पत्रकारों से अलग अलग बात की. इस फिल्म,फिल्म के अपने किरदार व फिल्म के विरोध को लेकर दीपिका पादुकोण ने हमसे ‘एक्सक्लूसिव’ बातचीत करते हुए कहा कि लोग फिल्म देखें, फिर अपनी प्रतिक्रिया दें. यदि उन्हे कुछ गलत लगेगा तो वह अपनी गलती मान लेंगी.’’

मगर फिल्म‘‘पद्मावती’’का विरोध थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. फिल्म के प्रमोशन के मद्देनजर दीपिका पादुकोण के पत्रकारों से बातचीत करने की खबर फैलते ही ‘‘राजपूत करणी सेना’’के अध्यक्ष लोकेंद्रनाथ ने सुपर्णखा की तरह दीपिका पादुकोण की नाक काटने की धमकी दे डाली.

मजेदार बात यह है कि लोकेंद्र नाथ ने लखनऊ में प्रेस कौन्फ्रेंस की. उन्होंने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान में बैठे डौन दाउद इब्राहिम ने दुबई के जरिए इस फिल्म के निर्माण के लिए पैसा दिया है.

इसी के साथ अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी सुर बदल गए हैं. उन्होने केंद्र को पत्र लिखकर मदद मांगी है. वह कहते हैं-‘‘यदि कोई फिल्म इतिहास के साथ छेड़छाड़ कर समाज में जहर घोलने का काम करे, तो यह सही नही है. किसी को भी व्यावसायिक हितों के लिए समाज मे अव्यवस्था फैलाने का हक नही है. मैं फिल्म पर रोक नही लगा सकता. मगर कानून व्यवस्था के मसले को देखना मेरा काम है.’’

उधर दो दिन पहले सिनेमा से जुड़े ‘फिल्म स्टूडियो सेटिंग और संबंद्ध मजदूर यूनियन’ के मंत्री श्रीवास्तव ‘पद्मावती ’के साथ खड़े होने की पुरजोर वकालत करते हुए मीडिया के सामने आए थे. मगर दो दिन बाद ही उसी मजदूर संगठन के अध्यक्ष और भाजपा विधायक राम कदम ने तो संजय लीला भंसाली को धमकी दे डाली कि यदि वह नहीं मानेंगे, तो उनका संगठन उन्हे कोई भी फिल्म बनाने नहीं देगा.

15 नवंबर ,बुधवार को राम कदम ने बाकायदा मुंबई में प्रेस कौन्फ्रेंस बुलाकर कहा- ‘‘हमारा संगठन ऐसे लोगों का समर्थन नहीं करेगा, जो अपनी फिल्म के प्रचार के लिए इतिहास के संग छेड़छाड़ करते हैं. हम बैन की मांग करते हैं. यदि संजय लीला भंसाली नहीं मानेंगे, तो हमारी यूनियन उन्हे किसी भी फिल्म की शूटिंग नहीं करने देगा.’’

इसी प्रेस काफ्रेंस में राम कदम ने दीपिका पादुकोण को नसीहत देते हुए कहा-‘‘वह अच्छी अभिनेत्री हैं, मगर इतिहासकार न बने. उन्हे संजय लीला भंसाली को समझाना चाहिए. हमारी एसोसिएशन जल्द ही उन्हे दिखा देगी कि हम क्या कर सकते हैं.’’

राजस्थान ही नहीं दिल्ली, पंजाब, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, हरियाणा व महाराष्ट्र में भी जमकर विरोध हो रहा है.

इस विरोध में भाजपा के कई विधायक, सांसद, मंत्री व कुछ शाही परिवार भी जुड़ गए हैं. जबकि शिवसेना, कौग्रेस, वामपंथी दलो ने इस पर चुप्पी साध रखी है. यहां तक कि भारतीय विद्दार्थी परिषद भी विरोध पर उतर आया है. राजपूत करणी सेना की तरफ से फिल्म के प्रदर्शन की तारीख एक दिसंबर को ‘‘भारत बंद’’का भी आव्हान किया गया है.

छत्तीसगढ़ के शाही परिवार के सदस्य दिलीप सिंह की बहू हीना सिंह ने फिल्म के घूमर नृत्य पर आपत्ति जाहिर करते हुए कहा है-‘‘इतिहास साक्षी है कि किसी भी राजपूत घराने की महारानी ने किसी के सामने कभी नृत्य नहीं किया. वे लोग इस तरह इतिहास के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते.

‘‘पद्मावती’’ को ही लेकर ‘‘केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड’’ के नवनिुयक्त चेयरमैन प्रसून जोशी भी विवादों से घिर गए हैं. एक अंग्रेजी वेबसाइट का दावा है कि ‘‘केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड’’ के चेयरमैन प्रसून जोशी ने गुप्त रूप से सोमवार, तेरह नवंबर को ही फिल्म ‘पद्मावती’ देख ली और उन्होने इस फिल्म को बिना किसी कांट छांट के ‘यू’ प्रमाणपत्र देने का आश्वासन दे दिया है.

मगर दो दिन बाद प्रसून जोशी ने इसका खंडन करते हुए कहा है कि उन्होंने इस फिल्म को नहीं देखा है. ज्ञातव्य है कि किसी भी फिल्म को प्रमाणपत्र देने की ‘केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड’ में एक प्रक्रिया है, जिसके तहत चेयरमैन नहीं बल्कि बोर्ड की सलाहकार समिति के चार सदस्य बैठकर फिल्म देखते हैं.

पर प्रसून जोशी द्वारा फिल्म देखने की बात सामने आने के बाद एक तरफ प्रसून जोशी का सफाईनामा आया, तो दूसरी तरफ केंद्रीय पेय जल मंत्री उमा भारती ने ट्वीट कर ‘केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड’ को नसीहत भी दी है. उमा भारती ने ट्वीट कर लिखा है-‘‘फिल्म सेंसर बोर्ड एक स्वतंत्र संस्था है. वह सभी की भावनाओं का ध्यान रखकर ही फिल्म को पारित करे. ऐसी हम सब की आपेक्षा है.’’

इतना ही नहीं केंद्रीय पेय जल मंत्री उमा भारती ने ट्वीटर का सहारा लेकर दीपिका पादुकोण का बचाव करते हुए सारी गलती संजय लीला भंसाली की बताते हुए उन्हे कड़ी चेतावनी दी है. उमा भारती ने लिखा है-‘‘पद्मावती फिल्म के निर्देशक और उनके सहयोगी पटकथा लेखक ही कथानक के लिए जिम्मेदार हैं. उन्हे लोगों की भावनाओं और ऐतिहासिक तथ्यों का घ्यान रखना था.

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