इंसान की जिंदगी और तकदीर भी अजीब होती है. कई वर्ष पहले आकृति नागपाल और दीपशिखा नागपाल बौलीवुड में बतौर अभिनेत्री काफी अच्छा काम करते हुए अपने नाना व उस वक्त के मशहूर लेखक, निर्माता व निर्देशक विट्ठलदास पंचोटिया का नाम रोशन कर रही थी.

पर वक्त बदला दोनो ने विवाह कर लिया और अपने वैवाहिक जीवन में रम गयी. आकृति नागपाल एक बेटे वेदांत और बेटी प्रियांशी की मां भी बनी. बच्चों के बड़े होने पर एक दिन उनके पति ने उनके स्वाभिमान को ऐसा ललकारा कि वह पति से अलग होकर अपने बेटे व बेटी के साथ रहने लगी.

इसी के साथ उन्होने आकृति की जगह अपने जन्म के वक्त माता पिता द्वारा दिए गए नाम आरती नागपाल को अपनाते हुए नए सिरे से बौलीवुड में काम करना शुरू किया. 2016 में उन्होने एक लघु फिल्म ‘‘आई फौट आई सरवाइव्ड’’ का लेखन,निर्माण व निर्देशन किया था. इस फिल्म को कई अवार्ड मिले थे.

अब वह अपनी नई लघु फिल्म ‘‘एब्यूज’’ को लेकर चर्चा में हैं. आरती नागपाल ने इस फिल्म का निर्माण, लेखन व निर्देशन करने के साथ साथ इसमें मुख्य भूमिका भी निभायी है. ‘यूट्यूब’’ पर काफी पसंद की जा रही यह फिल्म पुरूषों द्वारा नारी को दी जाने वाली गाली के मुद्दे पर है.

हाल ही में जब आरती नागपाल से हमारी मुलाकात हुई, तो एक्सक्लूसिव बातचीत के दौरान हमने उनसे पूछा कि किस पल ने उन्हे ‘‘एब्यूज’’ जैसी फिल्म बनाने के लिए उत्साहित किया. इस पर आरती नागपाल ने कहा-‘‘जब कोई इंसान किसी को गाली देता है, तो वह उसके स्वाभिमान को आहत करता है.

जब कोई इंसान किसी से कहता है कि वह कुछ नहीं कर सकता. तब दो ही बातें होती हैं, एक या तो वह टूट जाता है या तो वह कर के दिखाने का संकल्प ले लेता है. मुझे जिंदगी ने ऐेसे मोड़ पर लाकर छोड़ दिया कि आरती नागपाल अब तू खत्म हो गयी.

मैंने कहा कि नही, मैं तो वह हूं, जो अपनी राख से भी जिंदा हो सकती हूं. इसलिए मैने ‘एब्यूज’ बनायी है. इस फिल्म के माध्यम से मैं हर इंसान से कहना चाहती हूं कि गाली मत दो.’’

Tags: