सरिता विशेष

2012 में सलमान खान अभिनीत फिल्म ‘‘एक था टाइगर’’ को पाकिस्तान में प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिली थी. अब पांच साल बाद जब उसी फ्रेंचाइजी की फिल्म ‘‘टाइगर जिंदा है’’ का निर्माण किया गया है, तो अब यह फिल्म भी पाकिस्तान में रिलीज नहीं हो पाएगी.

पाकिस्तान के केंद्रीय सेंसर बोर्ड के चेयरमैन मोबशेर हसन ने एक अंग्रेजी दैनिक से बातचीत करते हुए कहा है कि, ‘‘पाकिस्तान के सेंसर बोर्ड ने फिल्म‘टाइगर जिंदा है’को एनओसी देने से साफ मना कर दिया है. इस फिल्म को उन्हीं वजह से रोका गया है, जिन वजहों से ‘एक था टाइगर’को प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी गयी थी. ‘टाइगर जिंदा है’ में भी पाकिस्तान और पाकिस्तानी सरकारी एजंसियों की गलत तस्वीर पेश की गयी है.’’

जबकि पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड के उपाध्यक्ष मोहम्मद अशरफ गोंडाल ने कहा है कि, ‘‘पाकिस्तान के सूचना प्रसारण मंत्रालय और राष्ट्रीय इतिहास व साहित्य संग्रहालय विभाग को भी सूचित कर दिया गया है कि वह फिल्म ‘टाइगर जिंदा है’को एनओसी न दे.’’

सैफ अली खान की फिल्म ‘‘एजेंट विनोद’’के बाद ‘‘टाइगर जिंदा है’’दूसरी भारतीय फिल्म है, जिसे इस वर्ष पाकिस्तान में बैन किया गया है.