रिचा चड्ढा के करियर में काफी कुछ उनकी सोच के विपरीत होता रहा है. फिल्म ‘‘मसान’’ के लिए ‘‘कान फिल्म फेस्टिवल” में अवार्ड और शोहरत बटोरने के बाद बड़े उत्साह के साथ उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता उमंग कुमार के संग फिल्म ‘‘सरबजीत’’ की थी, पर इस फिल्म में उनके साथ ऐसा कुछ हुआ कि अब वह मानती हैं कि ‘सरबजीत’ करना उनकी गलती थी.

तो अब एक बार फिर उनके साथ कुछ ऐसा होने वाला है, जो नहीं होना चाहिए था. वास्तव में रिचा चड्ढा को ‘‘एक्सेल इंटरटेनमेंट’’ के साथ काम करना अच्छा लगता है, इसी के चलते उन्होंने ‘फुकरे रिटर्न’ के बाद ‘एक्सेल इंटरटेनमेंट’ की फिल्म ‘‘थ्री स्टोरी’’ की. इससे पहले वह सुधीर मिश्रा के निर्देशन में फिल्म ‘‘दास देव’’ कर चुकी थी.

रिचा चड्ढा का मानना है कि हर कलाकार को कम से कम एक बार सुधीर मिश्रा के साथ जरूर काम करना चाहिए. मगर ‘दास देव’ का प्रदर्शन कई वजहों से पिछले दो वर्ष से रुका रहा और अब रिचा चड्ढा की यह दोनों फिल्में यानी कि ‘थ्री स्टोरी’ और ‘दास देव’ एक ही दिन 9 फरवरी 2018 को सिनेमा घरों में पहुंचने वाली हैं. इसी से रिचा चड्ढा काफी नर्वस हैं. रिचा के करियर में ऐसा पहली बार हो रहा होगा जब अनचाहे ही उनकी दो फिल्में एक ही दिन आपस में टकराने के लिए सिनेमाघरों में पहुंचने वाली हैं.

खुद रिचा चड्ढा कहती हैं-‘‘मैं एक साथ नर्वस और उत्साहित हूं. ऐसा बहुत कम होता है, जब किसी कलाकार की एक ही दिन दो फिल्में प्रदर्शित हों. कम से कम मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि मेरी दो फिल्में एक ही दिन सिनेमाघरों में पहुंचेगी. पर मेरे उत्साह की वजह यह है कि मैने इन दोनों फिल्मों के साथ न्याय किया है. दोनों ही फिल्मों की विषयवस्तु अलग अलग है और दोनों से मुझे काफी उम्मीदे हैं.’’

पर बौलीवुड से जुड़े लोगों की राय में अलग अलग विषय की दोनो फिल्में होने के बावजूद हर कलाकार को कोशिश करनी चाहिए कि उनकी फिल्में आपस में न टकराएं. आखिर दर्शक एक ही समय में एक ही कलाकार की दो दो फिल्में कैसे पसंद करेगा? रिचा चड्ढा के लिए भी एक साथ अपनी दोनों फिल्मों को प्रमोट करना आसान नहीं होगा. उन्हे चाहिए था कि वह कोशिश करती कि उनकी यह फिल्में अलग अलग समय पर व कुछ अंतराल के बाद प्रदर्शित होती.

इस पर रिचा चड्ढा कहती हैं- ‘‘देखिए, एक कलाकार की हैसियत से फिल्म कब सिनेमाघरों में पहुंचेगी, इसका निर्णय मैं नहीं कर सकती. फिल्म को प्रदर्शित करने का अंतिम निर्णय तो निर्माता का ही होता है.’’