हंसी के बेताज बादशाह चार्ली चैपलीन का आज 129वां जन्मदिन है. बिना एक शब्द बोले अपने खास अभिनय से लोगों के दिलों पर राज करने वाले चार्ली चैपलिन न केवल कौमिक टाइमिंग बल्कि खास ड्रेसिंग सेन्स के लिए भी जाने जाते हैं. ऐसा शायद ही कोई व्यक्ति होगा जो चार्ली चैपलिन की अदाकारी पर नहीं हंसा होगा. भले ही वह इस दुनिया में न हों लेकिन उनकी कौमेडी के लोग आज भी दिवाने हैं. इतना ही नहीं बौलीवुड फिल्मों में उनके किरदार की छाप भी देखी गई.

तो चलिए आपको बौलीवुड के 4 ऐसे किरदार बताते हैं जो काफी हद तक चार्ली चैपलिन से प्रेरित थे.

राज कपूर

बौलीवुड अभिनेता राज कपूर को भारत का पहला चार्ली चैपलिन कहा गया. साल 1955 में आई फिल्म ‘श्री 420’ में उनका किरदार चार्ली चैपलिन से प्रभावित था. चार्ली अपने दुख को हंसी के पीछे छिपा लिया करते थे वहीं राज कपूर ने बड़े पर्दे पर देसी अंदाज में चार्ली के किरदार को निभाकर अपनी अलग पहचान बनाई. इसके बाद ‘मेरा नाम जोकर’ और कई दूसरी फिल्मों में राज कपूर को इस तरह के किरदार निभाने का मौका मिला.

श्रीदेवी का चार्ली चैपलिन एक्ट

श्रीदेवी भले ही हम लोगों के बीच न हो लेकिन अपने फिल्मी सफर में उन्होंने एक से बढ़कर एक किरदार निभाए. वह अपने वर्सटाइल नेचर और इस तरह के एक्ट्स के लिए फेमस थीं. उन्होंने साल 1987 में आई फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ में चैपलिन का किरदार निभाया था. इस फिल्म के एक सीन में वह चैपलिन के किरदार में दिखाईं दीं थी और उनके साथ एक बच्चे ने भी इस तरह का किरदार निभाया था. श्रीदेवी का यह एक्ट चार्ली चैपलिन के लिए ट्रिब्यूट था.  इसमें न केवल श्रीदेवी ने चार्ली की तरह एक्ट किया बल्कि अपने देसी अंदाज में चार्ली के किरदार को भारतीय सिनेमा में एक अलग ही मुकाम पर ले गईं. उनके इस एक्ट को बौलीवुड में और दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया गया था.

जब रणबीर कपूर ने अपनाया था चार्ली लुक

अपने दादा राज कपूर की तरह रणबीर कपूर ने भी साल 2009 में आई फिल्म ‘अजब प्रेम की गजब कहानी’ के एक सीन में चार्ली चैपलिन का किरदार निभाया था और उनके कौमिक टाइमिंग को दर्शकों ने काफी पसंद भी किया था.

असरानी

1975 की फिल्म ‘शोले’ में असरानी का किरदार चैपलिन के कौमिक वर्जन अडोल्फ हिटलर से प्रेरित था. शोले में असरानी के जेलर किरदार को लोग आज भी याद करते हैं. इसमें न केवल चार्ली जैसी मूंछे बल्कि चेहरे के हाव-भाव ने भी असरानी के इस किरदार को भारतीय सिनेमा में हमेशा के लिए अमर कर दिया. साथ ही असरानी का डायलॉग ‘हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं’…लोगों की जुबान पर आज भी चढ़ा हुआ हैं.

 

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