सरिता विशेष

दुबई में शनिवार को हुई बौलीवुड की मशहूर अदाकारा श्रीदेवी की मौत के बाद से उठ रहे सारे सवालों पर विराम लग गया है. सरकारी वकील की ओर से केस बंद कर दिया गया है, केस के बंद होते ही 54 वर्षीय अभिनेत्री का शव कल (27 फरवरी) देर रात मुंबई पहुंचा. इन सब के बीच फिल्म डायरेक्टर रामगोपाल वर्मा ने ट्वीट कर श्रीदेवी को दुनिया की सबसे नाखुश महिला बताया.

दरअसल, श्रीदेवी की निजी जिंदगी हमेशा से ही विवादों में रही है इसकी वजह उनके पति बोनी कपूर की पहली पत्नी और उनके बच्चें हैं, क्योंकि उनके पति बोनी कपूर जब भी अपनी पहली पत्नी या उनके बच्चों से मिलते थे तो श्रीदेवी चिढ़ती थीं. शादी के बीस सालों बाद भी श्रीदेवी के मन में फंसी फांस कभी नहीं निकल पाई. कई बातों पर वो सामान्य नहीं हो पाईं.

वरिष्ठ पत्रकार और फिल्म स्तंभकार भारती ए. प्रधान ने करीब दो साल पहले अपने एक कौलम में इस बात का खुलासा किया था. उन्होंने अपने कौलम में लिखा कि किस तरह बोनी को श्रीदेवी के गुस्से का सामना करना पड़ा, जब वह पहली पत्नी मोना कपूर की मां और जानी मानी फिल्म निर्माता सत्ती शौरी के अंतिम संस्कार और प्रार्थना सभा में गए.

नहीं भूल पाईं थीं सत्ती के उस व्यवहार को

दरअसल श्रीदेवी 1996 में सत्ती शौरी द्वारा उनसे किए गए व्यवहार को इतने सालों बाद भी भूल नहीं पाईं थीं. उस समय तक बोनी और मोना पति-पत्नी थे और श्रीदेवी दूसरी महिला. तब तक बोनी और श्रीदेवी के नजदीकियों की खबरें आने लगी थीं. तभी ये भी खबरें आईं कि वो गर्भवती हैं. बोनी की पहली बीवी मोना को इससे झटका लगा. उन्होंने चुपचाप खुद ब खुद बोनी से दूरियां बना लीं. लेकिन ये बात मोना की मां सत्ती शौरी को चुभ चुकी थी.

एक रोज जब सत्ती को यह मालूम हुआ कि बोनी-श्रीदेवी के साथ मुंबई के एक फाइव स्टार होटल में मौजूद हैं तो वहां पहुंचकर उन्होंने जमकर हंगामा खड़ा कर दिया. उन्होंने श्रीदेवी के पेट पर मारने की कोशिश की, जिसके कुछ महीनों बाद श्रीदेवी ने अपनी पहली बेटी जान्हवी को जन्म दिया. सत्ती शौरी द्वारा उनसे किए गए व्यवहार को इतने सालों बाद भी श्रीदेवी कभी भूल नहीं पाईं.

बोनी का वहां जाना उन्हें अच्छा नहीं लगा

जब सत्ती का निधन हुआ तो पूरा कपूर परिवार अंतिम संस्कार में पहुंचा. बोनी भी इसमें गए. पति का वहां जाना श्रीदेवी को अच्छा नहीं लगा. जिसके बाद उन्हें श्रीदेवी के गुस्से का शिकार भी होना पड़ा था.

मोना के अंतिम दर्शन के लिए बस वही नहीं गईं

वहीं जानी मानी लेखिका और कौलमिस्ट शोभा डे ने हाल में लिखा, “जब मोना कपूर (बोनी की पहली पत्नी और अर्जुन कपूर की मां) का निधन हुआ तो हर कोई उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचा. मगर श्रीदेवी नदारद थीं. उनकी दोनों बेटियां भी अंतिम दर्शन में शामिल नहीं हुई थीं. जबकि एक जमाने में मोना और उनके बीच अच्छी दोस्ती थी.”

तब काफी नाराज हो गईं थीं श्रीदेवी

एक एंटरटेनमेंट वेबसाइट के अनुसार एक बार बोनी पहली पत्नी से मिलने के बाद अपने दोनों बच्चों अर्जुन और अंशुला को लेकर पिकनिक पर चले गए थे तो लौटने पर श्रीदेवी उनसे काफी नाराज थीं. शायद यही कसक अब तक अर्जुन कपूर के दिल में हैं. पिछले दिनों ही उन्होंने टीवी पर साफ कहा था कि श्रीदेवी से उनके रिश्ते कभी सामान्य नहीं होंगे. वे केवल मेरे पिता की बीवी हैं और कुछ नहीं. हालांकि श्रीदेवी की मौत की खबर सुनते ही वे अपनी बहनों से मिलने पहुंचे थे.