सरिता विशेष

24 फरवरी की रात दुबई के जुमैरा इमीरात होटल के रूम नंबर 2201 में हुई अभिनेत्री श्रीदेवी की मौत का रहस्य गहराता जा रहा है. जबकि 26 फरवरी को भारतीय समय के अनुसार शाम चार बजे दुबई स्वास्थ्य मंत्रालय ने फोरेंसिक रिपोर्ट व दुबई पुलिस ने श्रीदेवी का मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी कर दिया.

मगर इन रिपोर्ट के आने के बाद श्रीदेवी की मौत को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं. उधर ‘खलिज टाइम्स’ और ‘गल्फ न्यूज’ से मिल रही जानकारी के अनुसार दुबई पुलिस ने मृत्यु प्रमाणपत्र देने के बाद सोमवार, 26 फरवरी को देर शाम दुबई पुलिस ने श्रीदेवी के पति बोनी कपूर और होटल के स्टाफ से पूछताछ करने के साथ ही होटल के सभी सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में लेकर नए सिरे से जांच शुरू कर दी. भारतीय समय के अनुसार रात नौ बजे संयुक्त अरब अमीरात स्थित भारतीय दूतावास ने एक समाचार चैनल को जानकारी दी कि वह कह नहीं सकते कि श्रीदेवी का पार्थिव शरीर कब दुबई से भारत रवाना हो पाएगा.

दुबई की पुलिस और दुबई स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट में मौत की वजह ‘एक्सीडेंटल ड्रौवनिंग’ यानी कि ‘गलती से डूब जाना’ या ‘दुर्घटनावश डूबना’ बताई गई. जबकि पहले दिन से कहा जा रहा था कि श्री श्रीदेवी का देहांत हृदय गति रूकने से हुई. इतना ही नहीं ‘गल्फ न्यूज’ के अनुसार श्रीदेवी के खून की जांच में अल्कोहल भी पाया गया. इसी वजह से दुबई पुलिस ने अपनी पूरी जांच रिपोर्ट को बंद लिफाफे में दुबई के नियमों के अनुसार वहां के पब्लिक प्रोसीक्यूशन को आगे की जांच व आदेश के लिए भेजी.

दुबई के कानून के अनुसार एक्सीडेंटल/दुर्घटनावश मौत होने पर न्यायिक जांच की जाती है. इसके अलावा जब तक पब्लिक प्रोसीक्यूशन की इजाजत के बिना मृत देह पर न तो रसायनिक लेप लगाया जाता है और न ही पार्थिव शरीर को परिजनों को सौंपा जाता है. इन्हीं नियमों के चलते श्रीदेवी का पार्थिव शरीर 26 फरवरी को भी मुंबई/भारत नहीं आ पाया. खलिज टाइम्स के एक पत्रकार को उसके सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दुबई पुलिस श्रीदेवी की मौत की नए सिरे से जांच कर रही है.

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सूत्र बता रहे हैं कि पब्लिक प्रोसीक्यूशन आटोप्सी की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है. उसने होटल के सीसीटीव फुटेज मांगे हैं. एक चैनल के अनुसार दुबई का पब्लिक प्रोसीक्यूशन इस बात को मानने के लिए तैयार नही है कि बाथटब में डूबने से श्रीदेवी की मौत हुई.

दुबई के पब्लिक प्रोसीक्यूशन की ही तरह उत्तर प्रदेश के अवकाश प्राप्त एडीजी विक्रम सिंह दावा कर रहे हैं कि बाथटब में डूबने से किसी भी इंसान की मौत नहीं हो सकती. विक्रम सिंह के अनुसार फाइव स्टार हौटेल के वाशरूम में मौजूद बाथटब में इस तरह की सुविधा होती है कि इंसान जब चाहे तब किसी भी चीज का सहारा लेकर बाथटब से बाहर आ सकता है.

सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि एक फाइव स्टार हौटल के बाथटब की गहरायी कितनी होती है कि इंसान उसमें गिरे व डूब कर मर जाए? सवाल यह भी है कि इसमें पानी कितना था और किसने भरा था? जबकि श्रीदेवी की मौत को लेकर दुबई पुलिस की रिपोर्ट के बाद कई तरह के सवाल उठ खडे़ हुए हैं. सबसे पहला सवाल तो श्रीदेवी के खून में मिले अल्कोहल को लेकर ही उठा है. सवाल किया जा रहा है कि श्रीदेवी को किसने और कितनी मात्रा में शराब पिलायी कि वह वाशरूम में जाकर बेहोश होकर बाथटब में गिर पड़ी? इस सवाल के पीछे कई वजहे हैं. जानकार मानते हैं कि श्रीदेवी को शराब का शौक नहीं था.

श्रीदेवी के खून में मिले अल्कोहल की चर्चा चलने पर मुंबई में बोनी कूपर के भाई अनिल कपूर के घर  दो दिन से डेरा जमाए हुए राजनेता व राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने कहा -‘‘श्रीदेवी शराब नहीं पीती थी. श्रीदेवी व्हिस्की भी नहीं पीती थी. श्रीदेवी शादी समारोहों में वाइन लेती थी. सभी जानते हैं कि चार ग्लास वाइन पीने पर भी शराब का कोई नशा नहीं होता. मैं श्रीदेवी और बोनी कपूर के काफी नजदीक रहा हूं. उनके भांजे मोहित मारवाह की शादी में शिरकत करने के लिए मैं भी दुबई गया था. इस शादी के समारोह में वाईन जरूर परोसी गयी थी. उसके बाद मैं व बोनी कपूर वापस लखनऊ आ गए. क्योकि लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से इंवेंस्टमेंट समिट था, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अदित्यनाथ योगी भी हिस्सा ले रहे थें. इस समिट के लिए मुझे व बोनी कपूर को बुलाया गया था. इसलिए शादी होने के दूसरे दिन हम लोग लखनऊ आ गए थें. समिट खत्म होने के बाद मैं दिल्ली चला गया और बोनी कपूर मुंबई चले आएं. मुंबई में वह मनमोहन की जन्मदिन पार्टी में शिरकत करने के बाद पुनः 24 फरवरी की शाम दुबई समय के अनुसार साढे़ पांच बजे श्रीदेवी के पास पहुंच गए थे.’’

उधर श्रीदेवी व बोनी कपूर के पारिवारिक मित्र तथा फिल्म लेखक रूमी जाफरी ने भी दावा किया है कि श्रीदेवी शराब नहीं पीती थीं.

इतना ही नहीं लगभग आठ माह पहले हमसे एक्सक्लूसिव बात करते हुए श्रीदेवी ने कहा था-‘‘मैं हमेशा सात्विक भोजन ही लेती हूं. शराब वगैरह नही लेती. हां, यह बात अब तक कोई नहीं जानता कि मुझे मिठाई बहुत पसंद है. मुझे कुल्फी बहुत पसंद है.’’

इसके अलावा अपनी सुंदरता व फिटनेस के सवाल पर श्रीदेवी ने हमसे कहा था -‘‘वाकिंग, मेरा मेडीटेशन भी वाक करना ही है. पेंटिग करना मेरा मेडीटेशन है. देखिए, फिट रहने के लिए एक सिस्टमैटिक जीवनशैली आपको जीनी पड़ेगी. यदि आप अपने आपको खूबसूरत और अच्छी सेहत वाला दिखाना चाहते हैं, तो आपको अपनी एक जीवनशैली तय करनी पड़ेगी. इसमें खानपान से लेकर सोने जगने हर चीज का समय तय होना चाहिए.’’

यानी कि श्रीदेवी ने जो कुछ कहा था, उसके अनुसार भी उनके खून में अल्कोहल का पाया जाना कई सवाल जरुर खड़ा करता है. आखिर किसने और कितनी और क्या कह कर श्रीदेवी को शराब पिलायी. दुबई पुलिस इस सवाल का जवाब तलाश रही है.

‘खलिज टाइम्स’ के सूत्रों की मानें तो दुबई पुलिस को अपनी जांच में पता चला है कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय होटल के कमरा नंबर 2201 में बोनी कपूर व श्रीदेवी के अलावा कोई अन्य नहीं था. ‘खलिज टाइम्स’ को दूतावास के माध्यम से मिली जानकारी के अनुसार बोनी कपूर साढ़े पाच बजे होटेल के कमरे में पहुंचे, उस वक्त श्रीदेवी सो रही थीं. उन्होंने श्रीदेवी को जगाया और 15 मिनट तक उनसे बातचीत की. फिर डिनर पर चलने के लिए कहा. डिनर पर जाने से पहले श्रीदेवी वाशरूम गयीं. जब 15 मिनट तक वह वापस नहीं आईं, तो बोनी कपूर ने ताकत लगाकर दरवाजा खोला, तो देखा कि श्रीदेवी बाथटब में गिरी हुई थीं. उन्होंने श्रीदेवी को बाथटब से बाहर निकालकर उनकी सांस चलाने के लिए अपनी तरफ से पूरी कोशिश की. यानी कि यह घटना शाम साढे छह बजे घटी.

जानकरी के अनुसार बोनी कपूर ने होटेल में मौजूद अपातकालीन डौक्टर को बुलाने या पुलिस को जानकारी देने की बजाय अपने किसी दोस्त से सलाह ली. पूरे ढाई घंटे के बाद रात नौ बजे डौक्टर और पुलिस को बोनी कपूर ने खुद ही सूचना दी. डौक्टर ने आकर जांच करके कह दिया कि यह हृदयगति रूकने से स्वाभाविक मौत हुई है. अब सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दुबई पुलिस जानना चाहती है कि बोनी कपूर ने ढाई घंटे बाद डौक्टर व पुलिस को क्यों सूचना दी? इसके अलावा अब पुलिस उस डौक्टर से भी पूछताछ करने वाली है कि उससे इतनी बड़ी गलती कैसे हुई? क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हृदय गति का रूकना नहीं आया.

अब कई अन्य सवाल भी उठ रहे हैं. श्रीदेवी व बोनी कपूर के भांजे की शादी का हिस्सा बनने के लिए पूरा कपूर परिवार व कई रिश्तेदार व दोस्त दुबई पहुंचे थे. सभी शादी समारोह खत्म होने के बाद वापस आ गए. बोनी कपूर भी आ गए थें. पर श्रीदेवी अकेली वहां क्यों रूक गई थीं? होटेल के कर्मचारियों के अनुसार श्रीदेवी 48 घंटे तक अपने कमरे से बाहर नहीं निकली. कहा जा रहा है कि श्रीदेवी दुबई में अपनी पेंटिंग्स की निलामी समारोह के लिए रूकी थीं.

गल्फ न्यूज के अनुसार पुलिस 48 घंटों के दौरान श्रीदेवी के मोबाइल फोन पर आने वाले फोन की भी जांच कर रही है. पुलिस को पता चला है कि इन 48 घंटों में एक खास शख्स ने कई बार फोन किया था.

‘गल्फ न्यूज’ को सूत्रों से पता चला कि सोमवार, 26 फरवरी की रात साढ़े दस बजे दुबई पुलिस ने श्रीदेवी के पति बोनी कपूर को बुर्ज दुबई पुलिस स्टेशन बुलाकर पूछताछ करने के बाद उन्हे पुनः होटल जाने की इजाजत दे दी. लेकिन बोनी कपूर के दुबई छोड़ने पर पाबंदी लगा दी गई है. इस पूछताछ के दौरान पुलिस ने जानने की कोशिश की कि उनके व श्रीदेवी के बीच 15 मिनट में क्या बातचीत हुई थी. एक तरफ दुबई पुलिस अपना काम कर रही है, तो दूसरी तरफ संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय राजदूत नवदीप सूरी ने रात 11 बजे के करीब एक भारतीय न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि, भारतीय दूतावास श्रीदेवी के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत पहुंचाने के लिए दुबई के अधिकारियों के साथ सपंर्क में है.

उधर कई मशहूर वकीलों की राय है कि दुबई सरकार को श्रीदेवी के पार्थिव शरीर को भारत भेज देना चाहिए, क्योंकि उनकी जांच पूरी हो चुकी है, पोस्टमार्टम हो चुका है, विसरा वगैरह लिया जा चुका है. तो अब आगे की कानूनी जांच प्रकिया में पार्थिव शरीर की जरूरत नहीं पड़ेगी.

बहरहाल, अब जो कुछ होगा मंगलवार 27 फरवरी को ही होगा. चर्चाएं है कि 27 फरवरी की सुबह साढ़े नौ बजे के बाद श्रीदेवी के पार्थिव शरीर पर रासायनिक लेपन का काम शुरू किया जाएगा.

श्रीदेवी की मौत एक दुःखद घटना है. पर जिस तरह की खबरें आ रही हैं, उससे उनकी मौत को लेकर रहस्य भी गहरा गया है. इस रहस्य की परतें कैसे खुलेंगी, पता नहीं? वैसे दुबई पुलिस की तरफ से अभी तक किसी भी तरह की आपराधिक साजिश की बात नहीं कही गई है.