सरिता विशेष

हैदराबाद के सेक्स स्कैंडल ने श्वेता बासु प्रसाद के कैरियर की गाडी को पटरी से उतार दिया था. श्वेता आज उस घटना पर बात भी नहीं करना चाहती. वह उसे एक बुरा दौर समझ कर भुला देना चाहती हैं. श्वेता ने जिस तरह से हौसला रखा हिम्मत से काम लिया, वह तारीफ के काबिल है. वह एक मिसाल हैं कि जिंदगी के बुरे दौर से बाहर आकर नई शुरुआत की जा सकती है. स्टार प्लस के एतिहासिक टीवी शो ‘चन्द्र नंदनी’ में वह चंद्रगुप्त की राजकुमारी नंदनी का किरदार निभा रही है. इसके साथ ही उनकी फिल्म ‘बद्रीनाथ की दुल्हनियां‘ अलग साल तक आने वाली है. श्वेता बहुत ही दृढ इच्छा शक्तिवाली अभिनेत्री हैं. वह व्यवहार कुशल और स्पष्ठ नजरिया रखती हैं. इस शो में रजत टोकस चंन्द्रगुप्त मौर्य का किरदार निभा रहे है.

श्वेता बासु प्रसाद कहती हैं कि ऐतिहासिक सीरियल में दर्शकों को कहानी के साथ ही साथ सेट की भव्यता, उस समय पहनी जाने वाली ज्वेलरी और ड्रेस बहुत आकर्षित करती है. मुझे इतिहास पढ़ना पसंद है, इसलिये नंदनी का किरदार निभाना मेरे लिये सपने पूरा करने जैसा है. श्वेता ने चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में अपना कैरियर फिल्मों से शुरू किया. ‘मकडी‘ और ‘इकबाल‘ फिल्म में उनके अभिनय को बहुत सराहा गया. फिल्म ‘इकबाल’ के लिये नेशनल अवार्ड भी मिला था. श्वेता ने हिन्दी के साथ तमिल और तेलगू भाषा की फिल्मों में भी काम किया. टीवी शो ‘कहानी घरघर की’ में वह काम कर चुकी हैं.

श्वेता कहती हैं जिंदगी में पास्ट को भूल कर प्रजेंट में जीना चाहती हूं. इसके अलावा अपनी पर्सनल लाइफ और प्रोफशनल लाइफ को पूरी तरह से अलग रखने की कोशिश करती हूं. फिल्म इकबाल के बाद मुझे कई बडे डायरेक्टर की फिल्म करने के औफर आये. पर मेरे पैरेंटस चाहते थे कि मैं पढाई पर फोकस करूं तो उसे पूरा किया. झारखंड के जमशेदपुर की रहने वाली श्वेता को किताबें पढ़ने का शौक है. वह समय मिलने पर अपने पैरेंटस को खाना बनाकर खिलाती हैं. स्केटिंग पंसद करती हैं. टीवी शो ‘चन्द्र नंदनी’ के दौरान घुडसवारी करने का मौका मिला. यह बहुत अच्छा लगा. श्वेता को मेकअप करना बहुत पसंद था. नंदनी में राजकुमारी बनकर भारीभरकम पोशाक पहनने और मेकअप करके बहुत अच्छा लगता है. कई कलाकारों को इससे उलझन लगती है पर मुझे अच्छा लगता है. मैं इन्जाय करती हूं.