सरिता विशेष

‘‘एलाने जंग’’, ‘मां’’, ‘‘नॉटी एट फॉर्टी’’, ‘‘सिंह साब द ग्रेट’’ जैसी फिल्मों के निर्माता अनुज शर्मा इस बार बदले हुए परिवेश और पाश्चात्य के प्रभुत्व में जी रही युवा पीढ़ी को बहुत नजदीक से समझने के दावे के साथ थ्रीसम पर आधारित एक अति बोल्ड और अति सेक्सी फिल्म ‘‘इश्क जुनून : हीट इज ऑन’’ लेकर आ रहे हैं, जिसका निर्देशन किया है – संजय शर्मा ने. अनुज शर्मा और संजय शसर्मा ने अपनी इस अति सेक्सी फिल्म में इस सवाल का भी जवाब ढूढ़ने का प्रयास किया है कि क्या आज के प्रतिस्पर्धा और तेज गति से भागने वाले युग में सच्चे प्यार के मायने हैं?

फिल्म की कहानी के केंद्र में दो गहरे दोस्त वीर (राजवीर) और राज (अक्षय रंगशाही) हैं, जो कि बचपन से ही एक दूसरे की हर छोटी बड़ी बात के राजदार हैं. दोनो अपनी जिंदगी की हर बात एक दूसरे न सिर्फ बताते हैं, बल्कि खुशी और दुःख के मौके पर भी एक ही रहते हैं. इनकी दोस्ती को कोई तोड़ नहीं पाता. जबकि उत्तर भारत के एक छोटे शहर की मध्यमवर्गीय परिवार की लड़की सिमरन (दिव्या सिंह) अपने आसमानी सपनों को पूरा करने और एकदम स्वतंत्र जिंदगी जीने की चाह के साथ मुंबई शहर में पहुंचती है, उसे लोडेड यानी कि करोड़पति प्रेमी की तलाशस है. सिमरन की मुलाकात वीर और राज से होती है. दोनो दोस्त इसे अपनी प्रेमिका बनाकर सेक्स का लुत्फ उठाना शुरू करते हैं. सिमरन के दिमाग में है कि एक दिन वह इनके बीच की दोस्ती तुड़वाकर किसी एक की हो जाएगी, पर अंत में क्या होता है, पता नहीं.

‘‘थ्रीसम’’ के कांसेप्ट पर फिल्म ‘‘इश्क जुनून : हीट इज ऑन’’ के निर्माण की चर्चा करते हुए अनुज शर्मा कहते हैं-‘‘इस फिल्म का कांसेप्ट मेरा अपना और मौलिक है. अब सिनेमा बड़ी तेजी से बदल रहा है. हमारा दर्शक समाज के यथार्थ को परदे पर देखना चाहता है. मैं कुछ समय से महसूस कर रहा हूं कि हमारी युवा पीढी पर पाश्चात्य सभ्यता, बाजारवाद व संस्कृति इस कदर हावी होती जा रही है कि अब उनके लिए जीवन मूल्य/मॉरालिटी, संस्कार वगैरह कोई मायने नहीं रखते. कल तक हम जिन रिश्तों व नातों की दुहाई दिया करते थे, उनमें भी अब जंग लग गयी है. अब लोगों की शादियां नहीं टिक रही हैं. लोग ज्यादा समय तक लिव इन रिलेशनशिप में भी नहीं रह पा रहे हैं. नई आंधी के चलते अब जीवन की सही दिशा क्या होनी चाहिए? प्यार के सही मायने क्या रह गए हैं? इन्ही को तलाशने के लिए हम ‘थ्रीसम’ पर यह संगीतमय फिल्म ‘इश्क जुनून : हीट इज ऑन’ लेकर आ रहे हैं. हमारी यह फिल्म पूरी तरह से आज की युवा पीढ़ी की फिल्म है.’’

फिल्म के निर्देशक संजय शर्मा किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. वह ‘गे’ रिश्तों पर ‘‘डूनो या ना जाने क्यों’’ तथा इसका सिक्वल निर्देशित कर चुके हैं. फिल्म ‘‘इश्क जुनून : हीट इज ऑन’ की चर्चा करते हुए वह कहते हैं-‘‘हम हमेशा कुछ नया और लीक से हटकर फिल्म बनाने में यकीन करते हैं. यह एकदम नया विषय है. इस पर अब तक किसी ने भी काम करने का प्रयास नहीं किया. जबकि यह विषय वर्तमान युवा पीढ़ी के दिल की बात करता है. यह एक रोमांटिक व संगीत प्रधान रोमांचक फिल्म है. पहली बार मैंने इस फिल्म में नए कलाकारों को निर्देशित किया है, क्योंकि यह विषय वस्तु की मांग थी.’’

फिल्म ‘‘इश्क जुनून : हीट इज ऑन’’ के कुछ अंश व पांच गाने देखने के बाद इस बात का अहसास होता है कि फिल्म में सेक्स सीन के साथ ही द्विअर्र्थी संवादो की भी भरमार है. इस पर सफाई देते हुए फिल्म के निर्देशक संजय शर्मा कहते हैं-‘‘माना कि इसमें सेक्स सीनों की भरमार है, पर यह सारे सेक्स सीन विषयवस्तु की मांग के अनुरूप हैं. फिल्म का क्लायमेक्स और ट्रीटमेंट हर किसी को चौंकाएगा. अंततः हमारी फिल्म में सच्चे प्यार की ही जीत होती है.’’

‘शांतकेतन इंटरटेनमेंट’’ और ‘‘विन्र फिल्मस’’ के बैनर तले बन रही फिल्म ‘‘इश्क जुनून’’ के निर्माता अनुज शर्मा व विनय गुप्ता, निर्देशक संजय शर्मा, संगीतकार संजीव दर्शन, अंकित तिवारी, जीत गांगुली, वरदान सिंह और अंजान भट्टाचार्य, गीतकार संजीव चतुर्वेदी और शिराज निजामी हैं.

फिल्म ‘‘इश्क जुनून : हीट इज ऑन’’ का पहला डिजिटल पोस्टर आने के बाद बौलीवुड में यह चर्चा गर्म है कि क्या अब हम भी पार्न फिल्मों की ओर बढ़ चुके हैं?