बौलीवुड का खेल बहुत निराला है. इस खेल को समझकर भी कई कलाकार जानबूझकर या अनजाने या नादानी में गलतियां करते रहे हैं. बौलीवुड का इतिहास गवाह है कि जब भी कलाकारों के निजी जिंदगी के विवाद सुर्खियों में छाते हैं, तो उसका खामियाजा उसी कलाकार को भुगतना पड़ता है. यह एक कटु सत्य है. इस सच से आंखें फेर लेने या आंखे बंद कर लेने से सच नहीं बदल जाएगा. हर कलाकार इस बात से वाकिफ है कि कलाकार की जो छवि समाज या आम जनता या उनके प्रशंसकों के बीच बनती है, उस छवि का असर उनकी प्रदर्शित होने वाली फिल्मों पर पड़ता है.

जब फिल्म ‘‘मोहनजो दाड़ो’’ के प्रदर्शन से कुछ समय पहले रितिक रोशन और कंगना रानौत के बीच विवाद पैदा हुआ था और रितिक रोशन ने अपने किसी शुभचिंतक या अपने पीआरओ यानी कि प्रचारक की सलाह पर अंग्रेजी के अखबार (इस अखबार को लेकर बौलीवुड में आम धारणा यही है कि इसमें बिना पैसा दिए एक शब्द नहीं छपता) में पूरे पृष्ठ पर कंगना रानौत से जुड़े अपने कुछ ईमेल सार्वजनिक किए थे, उसी वक्त ‘‘सरिता’’ पत्रिका ने इसी जगह लिखा था कि इसका खामियाजा उन्हें ही भुगतना पड़ेगा. हर कलाकार को इतना समझदार होना चाहिए कि उन्हे अपनी निजी जिंदगी के विवादों को चुपचाप आपस में बैठकर सुलझा लेना चाहिए, न कि मीडिया में तमाशा बनाकर अपने प्रशंसकों व दर्शकों बीच अपनी छवि धूमिल करनी चाहिए.

उन्हीं दिनों ‘‘सरिता’’ पत्रिका ने जब रितिक रोशन व कंगना के विवाद पर मशहूर व सफल फिल्म निर्देशक आनंद एल राय से बात की थी, तो आनंद एल राय ने बहुत साफ तौर पर कहा था-‘‘मुझे लगता है दोनों समझदार लोग हैं. इन दोनों को सुलझे हुए तरीके से व्यवहार करना चाहिए. मैं किसी की निजी जिंदगी को लेकर कोई बात नहीं करना चाहता. पर हर इंसान की जिंदगी में कुछ चीजें अनवांछित नहीं होनी चाहिए. आप दोनों लोकप्रिय लोग हैं, तो आपकी जिंदगी की हर बात बहुत जल्द आम लोगों तक पहुंच जाती है. ऐसे में अनचाहे दबाव जिंदगी में बनते हैं. जरूरी होता है कि अनचाहे दबाव से बचकर रचनात्मक चीजों पर ध्यान लगाएं. इस तरह की घटनाएं देखकर दुःख होता है. हर कलाकार की अपनी निजी जिंदगी होती है, जिसका लाभ हानि उसे ही भोगना पड़ता है.’’

आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

डिजिटल

(1 साल)
USD10
 
सब्सक्राइब करें

डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन

(1 साल)
USD79
 
सब्सक्राइब करें
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...