सरिता विशेष

कनाडाई पौप सिंगर जस्टिन बीबर के आज दुनिया में करोड़ों प्रशंसक हैं. इस साल भारत से उन का नाता तब जुड़ा, जब 10 मई, 2017 को एक प्रमोशनल टूर (पर्पज वर्ल्ड टूर) पर अपनी मां पैट्रिशिया मैलेट के साथ वे मुंबई पहुंचे. 9 मार्च, 2016 को सिएटल से शुरू हुआ यह वर्ल्ड टूर 24 सितंबर को जापान के टोक्यो में खत्म हुआ.

मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में आयोजित कंसर्ट में बीबर ने करीब 50 हजार युवाओं के बीच अपने कई हिट पौपसौंग जैसे कि ‘सौरी…’, ‘कोल्ड…’, ‘वाटर…’, ‘आई विल शो यू…’, ‘व्हेयर आर यू नाउ…’, ‘बौयफ्रैंड’ और ‘बेबी…’ गा कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया. बीते कई वर्षों में यह पहला मौका था, जब किसी विदेशी पौप सिंगर को ले कर भारत में इतना जबरदस्त उत्साह देखने को मिला.

इस उत्साह के पीछे असल में बीबर की कई खासीयतें रही हैं. बीबर युवा हैं और कई विवादों से उन का नाता है. सिंगिंग स्टाइल उन का खास है और कई मुद्दों पर उन की राय सब से अलग है.

इन बातों ने जस्टिन को इतना चर्चित बना दिया कि आयोजकों को मुंबई के शो पर 100 करोड़ रुपए खर्च करने में कोई परेशानी नहीं हुई. दावा है कि मुंबई में हुआ जस्टिन का कंसर्ट अब तक का सब से महंगा कंसर्ट है, जिस में जस्टिन की फीस, ट्रैवलिंग, होटल व अन्य चीजों पर करीब 30 करोड़ और स्टेडियम में लगाए गए सैट आदि पर 26 करोड़ रुपए खर्च हुए. बिजनैस पत्रिका फोर्ब्स के मुताबिक, ‘वर्ष 2016 में जस्टिन बीबर ने 5.6 करोड़ डौलर यानी करीब 358 करोड़ रुपए की कमाई की थी और अब इस में और इजाफा हो सकता है.’

कौन हैं जस्टिन

महज 23 साल के ग्रैमी अवार्ड विजेता और दुनिया की सब से ताकतवर हस्ती की लिस्ट में एक मुकाम रखने वाले जस्टिन की जिंदगी की कहानी उन्हीं की तरह दिलचस्प है. जस्टिन की सफलता की कहानी 11 साल पहले 2006 में शुरू हुई थी, जब उन की मां ने उन्हें कुछ गाते हुए सुना और अपने फोन से उन का वीडियो बना लिया. इस वीडियो को उन्होंने यूट्यूब पर जस्टिन के पिता को शेयर कर दिया. यह वीडियो धीरेधीरे चर्चा में आया, लेकिन चमत्कार तब हुआ, जब एक बिजनैसमैन स्कूटर ब्रौन उभरते हुए गायकों की तलाश में यूट्यूब पर वीडियो सर्च कर रहे थे.

उन्होंने जस्टिन की मां पैट्रिशिया द्वारा शेयर किया गया वीडियो देखा और फिर उन से संपर्क साध कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. वर्ष 2007 के मशहूर गायक क्रिश ब्राउन के हिट गीत ‘विद यू…’ को गा कर जस्टिन लोगों की नजर में आ गए और उसी साल एक टैलेंट हंट शो में उन्होंने एकसाथ सारे जजों को अपना मुरीद बना लिया.

कनाडा के छोटे से कसबे स्ट्रैटफोर्ड (ओंटैरिओ) में 1 मार्च, 1994 को जन्मे जस्टिन वैसे तो पिता जेरमी जैक बीबर और पैट्रिशिया मैलेट की संतान हैं, पर उन का पालनपोषण पैट्रिशिया की मदद से सौतेले पिता ब्रूस और सौतेली मां डायने ने किया. फिलहाल जस्टिन अपनी जैविक मां पैट्रिशिया के साथ ही रहते हैं, क्योंकि पैट्रिशिया ने ही छोटी सी नौकरी के जरिए मेहनत कर के जस्टिन को पालापोसा है.

गीतसंगीत से जस्टिन का लगाव स्ट्रैटफोर्ड स्थित सौवें कैथलिक स्कूल में ही हुआ था. वहां उन्होंने पियानो, ड्रम गिटार और ट्रंपेट बजाना सीखा. उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में जस्टिन ने स्टैनफोर्ड में आयोजित एक स्थानीय गीतसंगीत प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था और दूसरा स्थान हासिल किया था.

सोशल मीडिया की पैदाइश है जस्टिन

घर पर गाने गुनगुनाने और प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के बाद मां पैट्रिशिया ने जस्टिन के कई वीडियो सोशल मीडिया पर डाले, जिस से जस्टिन चर्चा में आए. एक प्रकार से जस्टिन सोशल मीडिया की पैदाइश हैं, क्योंकि उन के कैरियर और उन्हें दुनिया में चर्चा में लाने में यूट्यूब का काफी योगदान रहा, पर सब से खास बात यह है कि जस्टिन को सोशल मीडिया से चिढ़ है. जस्टिन को पता है कि सोशल मीडिया ने ही उन्हें इतनी कामयाबी दिलाई है, लेकिन इस की वजह से निजी जिंदगी में पड़ने वाले खलल को ले कर वे परेशान रहते हैं. ट्विटर पर भी उन के करीब साढ़े 9 करोड़ फालोअर हैं.

इंस्टाग्राम पर होने वाली ट्रोलिंग यानी उन की हर गतिविधि पर कमैंटबाजी से परेशान हो कर अगस्त, 2016 में जस्टिन ने अपना अकाउंट ही डिलीट कर दिया था. जस्टिन का यह कदम प्रेरणादायक है. इस से उन्होंने यह साबित कर दिया कि सोशल मीडिया को खुद पर हावी न होने दें. आज जिस तरह से किशोर हर वक्त स्मार्टफोन, कंप्यूटर या लैपटौप पर इंटरनैट के जरिए किसी न किसी वैबसाइट पर चैटिंग करते रहते हैं, जस्टिन इस प्रवृत्ति के विरोधी हैं.

जस्टिन में क्या है खास

जस्टिन बीबर में ऐसा क्या खास है, जो युवा उन के दीवाने हैं. जस्टिन जब भारत आए तो उन के शो के टिकट 5 हजार रुपए से ले कर 76 हजार रुपए तक में बिके, जो लोग जस्टिन के शो के महंगे टिकट नहीं खरीद सकते थे, उन्हें ईएमआई का विकल्प दिया गया. मुंबई में जस्टिन को ले कर दीवानगी का आलम यह था कि उन के शो में आम दर्शकों के अलावा बौलीवुड के जानेमाने कलाकार भी पहुंचे. बीबर को देखने बौलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट, श्रीदेवी, जैकलीन फर्नांडिस, बिपाशा बसु, रवीना टंडन, महिमा चौधरी, मलाइका अरोड़ा और फिल्म निर्मातानिर्देशक अरबाज खान भी पहुंचे.

दावा किया गया कि दिल्ली की 12 साल की एक लड़की अक्षिता राजपाल अकेली हवाई सफर कर मुंबई जस्टिन का शो देखने पहुंची, हालांकि बाद में पता चला कि उस के साथ मांबाप तो नहीं, लेकिन कुछ पारिवारिक मित्र गए थे. बहरहाल, मुंबई में शो के सफल आयोजन के बाद जस्टिन ने अपने प्रशंसकों का आभार व्यक्त किया और कहा, ‘‘थैंक्यू इंडिया, मैं फिर आऊंगा.’’

वैसे हाल में जस्टिन को ले कर सब से ज्यादा उतावलापन ब्राजील में दिखा. वहां उन का शो अप्रैल, 2017 में होना था, लेकिन उन के फैन स्टेडियम के बाहर 5 महीने पहले से ही कैंप लगा कर डेरा जमाए बैठ गए. फैंस के 100 युवाओं के इस ग्रुप के लोग बारीबारी से रात को वहां आ कर सोते थे, ताकि जिस दिन आयोजित हो, तो उन्हें बैठने के लिए सब से अच्छी जगह मिल सके.

विवादों से नाता

यह अजीब बात है कि दुनिया में जो चर्चित लोग हैं, कई विवादों के साथ भी उन का नाम जुड़ जाता है. जस्टिन बीबर भी इस से अलग नहीं हैं. उन के साथ भी कई विवाद जुड़े हुए हैं. बेतरतीबी से कार चलाने, पड़ोसियों से झगड़ा करने, फैंस पर थूकने और कई विवादास्पद बयान देने के कारण जस्टिन को कोसा भी जाता है. वैसे उन्हें कानून तोड़ने के कारण सब से पहले 2014 में गिरफ्तार किया गया था.

2014 में कैलिफोर्निया स्थित उन के एक पड़ोसी ने बीबर पर अंडे फेंकने का आरोप लगाया था, जिस से काफी नुकसान हुआ था. इस के लिए बीबर को काफी बड़ा हर्जाना चुकाना पड़ा था.

हालांकि बीबर की कई हरकतें उन के फैंस को नागवार गुजरीं. जैसे, वर्ष 2013 में उन पर होटल की बालकनी से नीचे मौजूद फैंस की भीड़ पर थूकने का आरोप लगा था, लेकिन जस्टिन इस से साफ मुकर गए. हालांकि जस्टिन की कुछ हरकतें नजरअंदाज नहीं की जा सकीं, जैसे वर्ष 2013 में

बीबर जब नीदरलैंड्स में कौंसर्ट से पहले अपने दोस्तों के साथ ‘द ऐन फ्रैंक हाउस’ गए थे तो वहां उन्होंने गैस्ट बुक में लिखा, ‘ट्रूली इंस्पिरिंग टू बी ऐबल टू कम हियर. ऐन वौज अ ग्रेट गर्ल. होपफुली शी वुड हेव बीन अ बिलीबर.’ गैस्टबुक में ‘बिलीबर’ लिखने से काफी नाराजगी फैली, क्योंकि माना गया कि इस तरह उन्होंने ऐन फ्रैंक को अपना दीवाना बताने की कोशिश की.

उल्लेखनीय है कि जस्टिन बीबर के प्रशंसकों के लिए आमतौर पर बिलीबर शब्द का इस्तेमाल किया जाता है. इस घटना को लोगों ने जस्टिन के अहंकार से जोड़ा. जस्टिन को कानून तोड़ने के लिए जाना जाता है. जैसे वर्ष 2014 में अमेरिका स्थित डिज्नी वर्ल्ड में लाइन में खड़े होने के बजाय उन्होंने इस के लिए व्हीलचेयर का इस्तेमाल किया. जस्टिन ने इस के लिए तर्क दिया, ‘आई डोंट डू लाइंस.’ ऐसा लगा कि वे यह कहना चाहते हैं कि मैं लाइन में लगने के लिए नहीं, अपने पीछे लाइन लगवाने में यकीन करता हूं. जस्टिन फैंस के साथ फोटो या सैल्फी खिंचवाने से भी परहेज करते हैं. इस के बारे में बीबर का कहना है कि इस से उन्हें एहसास होता है जैसे कि वे कोई ‘जू एनिमल’ यानी ‘चिडि़याघर में रखा कोई जानवर’ हैं.