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अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना कहानी चोर हैं या...

प्रचार के लिए सितारे क्या क्या नहीं करते हैं. पर कई बार इन सितारों का प्रचार का यही हथकंडा उनके लिए ही गले की हड्डी बन जाता है. यूं तो अक्षय कुमार इन दिनों केपटाउन में अपनी पत्नी ट्विंकल खन्ना तथा दोनों बच्चों आरव व नितारा के संग छुट्टियां मना रहे हैं. मगर अक्षय कुमार ने बड़े जोश में केपटाउन से ही 2017 के पहले दिन अपने प्रशंसकों को नववर्ष का तोहफा देने के लिए 2017 में आने वाली अपनी फिल्मों के पोस्टर ट्वीटर पर रिलीज किए. उसके बाद अक्षय कुमार की प्रचारक ने भी यह खबर ईमेल पर हर पत्रकार को भेज दिया. लेकिन यहां तो अक्षय कुमार के साथ ‘सिर मुड़ाते ही ओले पड़ने’ की नौबत आ गयी. क्योंकि कुछ देर बाद ही अक्षय कुमार के प्रचारक का ईमेल आ गया कि उस खबर में कुछ गलती है, इसलिए उसका उपयोग न करें.

जब हमने प्रचारक के इस तरह के ईमेल की वजह जानने के लिए अपने स्तर पर जांच पड़ताल शुरू की, तब राज खुला कि अक्षय कुमार पर उनकी दो फिल्मों ‘पैड मैन’ और ‘टायलेटः एक प्रेम कथा’ पर कहानी चोरी का ऐसा इल्जाम लग रहा है, जिसका जवाब किसी के पास नही है.

क्या है ‘‘पैड मैन’’ का मसला?

वास्तव में अक्षय कुमार की पत्नी ट्विंकल खन्ना अब बतौर निर्माता पुनः बौलीवुड में सक्रिय हो रही हैं. वह एक फिल्म ‘‘पैड मैन’’ का निर्माण कर रही हैं, जिसका निर्देशन आर बालकी करेंगे. अक्षय कुमार, अमिताभ बच्चन, सोनम कपूर व राधिका आप्टे जैसे कलाकारों से युक्त इस फिल्म की शूटिंग मध्य प्रदेश के महेश्वर में नर्मदा नदी के तट के अलावा भोपाल में होनी है. जिसके लिए आर बालकी कुछ दिन पूर्व ही लोकेशन भी तय कर आए हैं. अक्षय कुमार ने जो पोस्टर ट्वीटर पर दिया है, उसमें लिखा है-‘‘पैड मैनः बेस्ड आन एन एक्स्ट्रा आडनरी स्टोरी’’. फिल्म के पोस्टर पर नाम के साथ ही सेनेटरी नैपकीन की तस्वीर भी है. जी हां! फिल्म ‘‘पैड मैन’’ की कहानी कोयंबटूर के व्यवसायी अरूणाचलम मुरूगननाथम की जीवनी है.

ट्विंकल खन्ना फिल्म ‘‘पैड मैन’’ को अपनी गत नवंबर माह में आयी चार कहानियों वाली किताब ‘‘द लीजेंड आफ लक्ष्मी प्रसाद’’ की चार कहानियों में से एक कहानी पर आधारित बता रही हैं. मगर इसकी पटकथा ट्विंकल खन्ना नहीं लिख रही हैं. पर यह कहानी एक ऐसे ग्रामीण की है, जो कि समाज के निचले तबके की औरतों को उनके सुरक्षित स्वास्थ्य के लिए कम कीमत पर सैनेटरी नैपकीन मुहैया कराता है.

उधर अब कुछ सूत्र तो यहां तक दावा कर रहे हैं कि अमित राय की फिल्म ‘‘आई पैड’’ के कुछ दृश्यों को ज्यो का त्यों कहानी लेखक के तौर पर ट्विंकल खन्ना पहले ही अपनी किताब की इस कहानी में लिख चुकी हैं.

कौन है अरूणाचलम मुरूगननाथम

2016 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित अरूणाचलम मुरूगननाथम ने अपनी पत्नी की तकलीफ को देखकर ‘सेनेटरी नेपकीन’ बनाने की एक सस्ती मशीन का ईजाद करने के साथ साथ उसे गांव गांव तक इस तरह प्रचारित किया कि आज भारत के 29 राज्यों में से 23 राज्यों में अरूणाचलम मुरुगननाथम की ‘सेनेटरी नैपकीन’ बनाने वाली मशीन लग चुकी हैं. बाजार में आम तौर पर मौजूद सेनेटरी नैपकीन के मुकाबले अरूणाचलम की सेनेटरी नैपकीन एक तिहाई लागत में ही आ जाती है. उन्होंने गांव की महिलाओं को सैनेटरी नेपकीन के उपयोग के लिए जागरूक भी किया. 2014 में टाइम पत्रिका ने ‘‘100 मोस्ट इंफ्यूलुशियल पीपुल आफ वर्ल्ड’’ में अरूणाचलम मुरूगननाथम का नाम शामिल किया.

अब लोग सोच रहे होंगे कि ट्विंकल खन्ना और अक्षय कुमार तो अच्छा काम कर रहे हैं कि वह ऐसी सैनेटरी नेपकीन बनाने वाले की जिंदगी को सिनेमा के परदे पर लाने जा रहे हैं. मगर असली कहानी यह है कि अरूणाचलम मुरुगुननाथम की जिंदगी पर पहले से ही ‘रोड टू सगम’ फेम निर्देशक अमित राय ‘‘आई पैड’’ नामक फिल्म बना चुके हैं, जो कि निर्माता मोनीष सेखरी व निर्देशक अमित राय के बीच आपसी झगडे़ के चलते प्रदर्शित नही नहीं हो पायी, जबकि यह फिल्म 2015 में ही बन गयी थी. अमित राय ने अपनी इस फिल्म की शूटिंग  2014 में भोपाल में की थी. और फिल्म को बेचने के लिए इस फिल्म को 2015 में गोवा के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’में भी ले जाया गया था, जहां इस फिल्म पर लोगों से अमित राय ने बात की थी. वैसे निर्देशक अमित राय का दावा है कि वह मार्च 2017 में इस फिल्म को सिनेमाघरों में प्रदर्शित करने वाले हैं. वास्तव में अमित राय चाहते हैं कि फिल्म को प्रदर्शित किया जाए, जबकि मोनीष सेखरी की मंशा रही है कि इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में उनकी फिल्म चर्चा बटोरे, पर इस फिल्म का चयन किसी भी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में नहीं हो पाया.

कुछ सूत्र दावा करते हैं कि अक्षय कुमार ने फिल्म ‘‘आई पैड’’ के निर्माता को समझाने में कामयाब हो गए हैं कि वह अपनी फिल्म को कभी भी प्रदर्शित नहीं करेगा. निर्माता इस बात के लिए क्यों तैयार हुआ, यह बात किसी की भी समझ में नहीं आ रही है.

दक्षिण भारतीय इंसान की जीवनी की शूटिंग हिंदी भाषी प्रदेश मध्य प्रदेश में क्यों?

अमित राय की फिल्म ‘‘आई पैड’’ की कहानी दक्षिण भारतीय इंसान अरूणाचलम मुरूगननाथम की है, पर उन्होंने फिल्म को देशव्यापी बनाने के मकसद से किरदार को हिंदी प्रदेश का बताकर फिल्म को भोपाल में फिल्माया. शायद इसी फिल्म को देखकर आर बालकी ने भी इसे मध्य प्रदेश के भोपाल व महेश्वर में फिल्माने का निर्णय लिया है. अरूणाचलम मुरुगाननाथम के दीवाने तो विदेशी फिल्मकार भी हैं. हौलीवुड फिल्म निर्माता जेम्स कैमरून भी अरूणाचलम मुरूगननाथम से मुलाकात कर चुके हैं.

अक्षय कुमार की फिल्म ‘‘पैडमैन’’ही विवादो में नही आयी है, बल्कि उनकी दूसरी फिल्म ‘‘टायलेट : एक प्रेम कथा’’ भी विवादों में आ गयी है.

‘‘टायलेट : एक प्रेम कथा’’ पर भी चोरी का आरोप

एडीटर से निर्देशक बने श्रीनारायण सिंह की पहली फिल्म “टायलेट : एक प्रेम कथा’’ में अक्षय कुमार व भूमि पेडणेकर की जोड़ी है, जो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘‘स्वच्छ भारत अभियान’’ की वकालत करती है. मगर गुजराती फिल्मों के मशहूर निर्देशक कृष्णदेव याज्ञनिक का दावा है कि यह कहानी उनकी निर्माणाधीन फिल्म ‘‘नारायण दास पे एंड यूज’’ से चुरायी गयी है, जिसकी शूटिंग वह जनवरी 2017 के दूसरे सप्ताह से अहमदाबाद में शुरू करने वाले हैं.

इन दोनों फिल्मों की कहानी में ‘पे एंड यूज टायलेट’ चलाने वाले एक युवा को झुग्गी झोपड़ी में रहने वाली युवती से प्रेम हो जाता है. यह औरत हर दिन टायलेट का उपयोग करने आती थी और तभी इनका प्यार परवान चढ़ता है. फिर यह दोनों शादी कर लेते हैं. दोनों समाज में बदलाव लाने की कोशिश करते हैं.

सूत्र बताते हैं कि अक्षय कुमार की फिल्म में अक्षय कुमार के किरदार को युवा की बजाय अधेड़ उम्र का दिखाया जा रहा है. अक्षय कुमार ने बाजी मारते हुए अपनी फिल्म के पहले दिन की फोटो ट्वीटर पर डाल दी, जो कि शादी के बाद के सीन की है.

इस चोरी के सवाल पर कृष्णदेव याज्ञनिक कहते हैं-‘‘जब मैं अपनी हिंदी फिल्म ‘डेज आफ तफरी’ की शूटिंग कर रहा था, तभी मुझे इस बात की भनक लगी थी. पर मैं उनके जैसे बड़े लोगों से नहीं लड़ सकता. मेरी समझ में नहीं आ रहा है कि मेरी फिल्म की कहानी, किरदार व किरदार का नाम सब कुछ उन तक कैसे पहुंच गया. मैंने तो इस फिल्म की कहानी आज से पांच वर्ष पहले संघर्ष के दिनों में लिखी थी. मैंने यह कहानी कई निर्माताओं को सुनायी थी. पर मुझे ‘डेज आफ तफरी’ के लिए निर्माता पहले मिल गया, तो मैंने वह फिल्म पहले बनायी. मैं यह सोचकर संतोष करके बैठ गया कि मेरी फिल्म गुजराती भाषा में होगी. मेरी फिल्म ‘ब्लैक कामेडी है.’’

मजेदार बात यह है कि ‘‘पैड मैन’’ और ‘‘टायलेट : एक प्रेम कथा’’ को लेकर उठे विवाद पर अक्षय कुमार की तरफ से कोई सफाईनामा नहीं आया, तो दूसरी तरफ बौलीवुड से जुड़े लोग खुलकर कुछ भी कहने को तैयार नहीं. 

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